प्राण नहीं है मेरे तोह मेरा धड लेकर क्या करोगे ?.
ज्ञान नहीं है मेरा तोह मेरा सर लेकर क्या करोगे ?.
अंधे हो तुम मेरे जहां में , हमकाती मेरी निगाहों में.
दृष्टिकोण नहीं है मेरा तोह मेरे नयन लेकर क्या करोगेहीं ?
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